देवी जी रेलवे स्टेशन पर भीख मांगती हुई।

गाजियाबाद स्टेशन पर आजकल बच्चों को देवी की तरह पैसे के लिए घुमाया जा रहा है...


कितने शर्म की बात है ये, कितना दुख होता है ऐसे बच्चों को देखकर... ये अपनी मर्जी से पैसे नहीं मांग रहे हैं। 

कितने गिर गए हैं लोग आजकल, मतलब बच्चे का बचपन बिल्कुल खत्म और आगे और कितनी खराब होगी इनकी जिंदगी इसका कुछ पता नहीं है। 

मेरी भी एक इतनी ही छोटी बेटी है जिसका ख्याल आ गया मुझे और मैंने उसकी जिंदगी और इस लड़की के जिंदगी के बारे में सोच रहा हूं....
और समय कितना ख़राब आएगा, इसका अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता है।

एक बार मेरे मन में ख्याल आया कि इसे पैसे दे दें, देवी जी का अनादर ना करू मैं लेकिन फिर मुझे भिखारियों को भीख देना पसंद नही है और मैं इसे आगे नही बढ़ाता हूं फिर ये ख्याल आया कि अगर मैंने इसे पैसे नहीं दिए तो शायद कल इसे दोबारा पैसे मांगने के लिए नहीं भेजा जाएगा। 

 लेकिन फिर एक ख्याल और आ रहा है कि कहीं ये लोग ये देखे कि ये लड़की इस तरह से पैसे लाकर नहीं दे पा रही है तो कहीं इसे वेश्यावृत्ति जैसे धंधे में ना डाल दिया जाए और इसके शरीर के अंग निकल ले कहीं बेच ना दिए जाए....

मुझे इस पर बहुत बुरा लग रहा है, लेकिन मुद्दा यह है कि एक आम आदमी या मैं अभी क्या कर सकता हूं कि यह लड़की है या इसके जैसी लड़की की जिंदगी और ज्यादा खराब होने से बच जाए।

हमारे देश की पुलिस या हमारे देश के नेता का हम इसी काम के लिए चुनाव करते हैं लेकिन ये भी पैसे और अपनी कुर्सी के भूखे हैं और ये भी अपना काम नहीं करते हैं।
अभी मेरे इस ब्लॉग को लिखने के लिए सिर्फ एक मतलब है कि कोई मेरी बात प्रशासन तक पहुंचा दे और बच्चों के जीवन को सुधारने के लिए प्रशासन कुछ करे।

अब सबसे बड़ी बात ये है कि ये बच्चे कहां से आते हैं?
मुझे तो सबसे ज्यादा ये लगता है कि ये बच्चे किडनैप कर लिए गए हैं और फिर इन्हें इस काम पे लगा दिया जाता है और इनकी पूरी जिंदगी खराब कर दी जाती है।
इसलिए मैं तो यही अनुरोध करूंगा सभी से अपने बच्चों को घर के बाहर कभी भी अकेला ना छोड़े, नहीं तो आप तो हमेशा के लिए इन्हें खो ही दोगे, आपसे बिछड़ने के बाद इनकी जिंदगी किस हद तक खराब होगी इसका आप कभी अंदाजा नहीं लगा सकते।

हरे कृष्णा।


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